टोड़ी
टोड़ी के है प्रकार पंदर
खंड है दो जिसके अंदर
मध्यम तीव्र और मध्यम वर्जित
ऐसे है दो खंड सही सर्जित
मियाँ की, गुजरी, बहादुरी और खट टोड़ी
सबमे तीव्र मध्यम है जब जोडी
बिना तीव्र मध्यम के खंड में, जौनपुरी है जमीन
छे टोड़ी प्रकार बनते है उसबिन
करो कोमल रिषभ, बने कोमल आसावरी
भाव करुण और चाल है हरीभरी
लगे दोनो गांधार, तो बने देव गांधार
और दोनो रिषभ जौनपुरी में, बने गांधारी रसदार
जब जौनपुरी मे दोनों गांधार,
बने लाचारी टोड़ी सुधार
और जब जोड़ो दोनो रिषभ,
तब बने लक्ष्मीं टोड़ी सहज
भूपाली, बिलासखानी और देशी
ये प्रकार तो आते है सबको सही
एक ही बाकी प्रकार है हुसैनी टोड़ी
वो तो नहीं समझे तो खुश नसीब